सोमवार, 22 दिसंबर 2025

बेवजह

बेवजह आधी रात नींद ,टूट जाती है।
बेवजह मेरे बारे में, कोई सोच रहा है।

मनोज

शनिवार, 6 दिसंबर 2025

हे प्रभु

बदलाव जरूरी है पर इतना।
हे प्रभु, स्वप्न इससे अच्छा था।।